मराठी टीवी इंडस्ट्री इस समय गहरे दुख और शोक में है। टीवी शो “अप्पी आमची कलेक्टर” में काम करने वाले एक्टर महेश पवार का निधन हो गया है। यह खबर जितनी चौंकाने वाली है, उतनी ही दुखद भी। एक्टर ने सिर्फ 25 साल की उम्र में एक एक्सीडेंट में अपनी जान गंवा दी। आइए जानते हैं पूरी कहानी, कैसे हुआ एक्सीडेंट और एक्टर की मौत कैसे हुई।
बताया जा रहा है कि महेश पवार अपने दोस्तों के साथ ट्रिप पर थे, लेकिन उन्हें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि यह ट्रिप उनकी आखिरी ट्रिप होगी। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अंबेनाली घाट इलाके में हुआ यह एक्सीडेंट इतना भयानक था कि हर कोई हैरान रह गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्टर की SUV देर रात एक गहरी खाई में गिर गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाड़ी 1,000 फीट से भी ज्यादा नीचे गिर गई। एक्सीडेंट में महेश पवार समेत कुल आठ लोगों की जान चली गई।
महेश अपने दोस्तों के साथ ट्रिप पर थे
कहा जा रहा है कि महेश अपने दोस्तों के साथ ट्रिप पर थे। SUV में कुल आठ लोग थे। जब महेश और उसके दोस्त देर रात तक लापता थे, तो उसके परिवार ने तुरंत पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। तलाश शुरू हुई, और पुलिस ने उनकी आखिरी पता लोकेशन का पता लगाने की कोशिश की। आखिरी पता लोकेशन के आसपास सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
आखिरी पता लोकेशन घाट इलाके के पास थी, और सर्च करने पर पता चला कि एक टूटी-फूटी SUV एक खाई में गिर गई थी। SUV बहुत बुरी हालत में थी, और जब लाशों की पहचान हुई, तो वे एक्टर महेश पवार और उनके दोस्त की निकलीं।
CM फडणवीस ने दुख जताया
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस दुखद हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि आठ दोस्त घूमने गए थे, तभी उनकी गाड़ी पहाड़ी सड़क पर लगभग 1,500 फीट गहरी खाई में गिर गई। CM ने कहा कि हादसे के तुरंत बाद, जिला प्रशासन ने तुरंत बचाव और राहत अभियान शुरू किया। लाशों को निकालने के लिए सात-सात सदस्यों की पांच अलग-अलग टीमें बनाई गईं, जबकि NDRF और स्थानीय बचाव दल भी लगातार ऑपरेशन में लगे हुए थे। महेश पवार टीवी इंडस्ट्री में एक जाना-माना नाम थे।
महेश पवार ने कम उम्र में ही मराठी एंटरटेनमेंट की दुनिया में अपनी पहचान बना ली थी। टीवी शो “अप्पी आमची कलेक्टर” में उनके रोल को दर्शकों ने खूब पसंद किया। उनकी एक्टिंग और स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें जल्दी ही पॉपुलैरिटी दिला दी। उन्हें इंडस्ट्री में एक मेहनती और खुशमिजाज एक्टर के तौर पर जाना जाता था।