पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा को लेकर लिया गया एक बड़ा फैसला अब भारत-बांग्लादेश संबंधों में चर्चा का विषय बन गया है। राज्य सरकार ने भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर बाड़बंदी (Border Fencing) के लिए BSF को जमीन सौंपने की प्रक्रिया तेज करने का फैसला लिया है, जिसके बाद बांग्लादेश ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फैसला लिया कि BSF को 45 दिनों के भीतर जमीन ट्रांसफर की जाएगी, ताकि लंबे समय से रुकी बॉर्डर फेंसिंग पूरी हो सके।
😳 बांग्लादेश क्यों हुआ परेशान?
इस फैसले के बाद ढाका की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक बांग्लादेश ने कहा कि वह “डराया नहीं जा सकता” और भारत से बातचीत व सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
दरअसल, भारत-बांग्लादेश सीमा पर लंबे समय से घुसपैठ, तस्करी और सुरक्षा को लेकर बहस चलती रही है। बीजेपी लगातार सीमा को पूरी तरह सुरक्षित करने की मांग उठाती रही है।
🚧 400 KM से ज्यादा बॉर्डर अभी भी बिना फेंसिंग
रिपोर्ट्स के अनुसार पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा का बड़ा हिस्सा अब तक बिना बाड़ के है। जमीन अधिग्रहण और प्रशासनिक देरी की वजह से कई किलोमीटर का काम रुका हुआ था। अब नई सरकार ने इसे तेजी से पूरा करने का फैसला लिया है।
🔥 राजनीतिक माहौल भी गरम
इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बीजेपी इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ रही है, जबकि विरोधी दल इसे राजनीतिक एजेंडा बता रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है।